Skip to main content

प्रशासनिक सिद्धान्त-Prashasnik siddhant- (TEXT BOOK)- By Avasthi & Avasthi

340.00736.00

Clear selection

Prashasnik siddhant – , By – Avasthi & Avasthi, ISBN Code – 978-93-87346-63-5

प्रस्तुत पुस्तक अपने विषय का एक ‘प्रमाणिक ग्रन्थ’ सिद्ध हो रही है।
नये संस्करण के प्रत्येक विषय को मैंने पूर्णतः और व्यापक रूप से संषोधित करने के साथ-साथ तथा इसके अद्यतन घटनाओं और क्रियाकलापों को यथासम्भव समावेषित भी किया है। सिविल सेवा एवं प्रान्तीय सिविलि सेवा (मुख्य) परीक्षाओं के प्रथम प्रष्न-पत्र के अनुरूप् नवीन लोक प्रषासन, संगठन के सिद्धान्त, प्रषासन के सिद्धान्त, विकास प्रषासन, सुषासन या सद्षासन, प्रषासनिक सुधार आदि विषयों पर अधिक विस्तृत एवं सारगर्भित सामिग्री उपलब्ध कराई गई है।
प्रस्तुत पुस्तक में सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के प्रष्नों को ध्यान में रखते हुए मैंने कुछ नये विषयों को भी समावेषित किया है, यथा-सिविल सेवा मुख्य परीक्षा की नवीन प्रणाली 2013, लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून 2013 (संषोधित 2015), मन्त्रालयों एवं विभागों का नवीनतम विवरण, नीति आयोग-2015 आदि।
इस पुस्तक की विषय सूची इस प्रकार है-
1. लोक प्रषासन का अर्थ, क्षेत्र तथा प्रकृति 2. लोक प्रषासन का महत्व 3. वुडरो विल्सन का लोक प्रषासन के प्रति सन्देष 4. अध्ययन विषय के रूप में लोक प्रषासन का विकास 5. लोक विकल्प सिद्धान्त 6. नवीन सार्वजनिक प्रबन्ध 7. नवीन लोक प्रषासन 8. सुषासन या सद्-षासन तथा साहसिक सरकार 9. निजीकरण, उदारीकरण और वैष्वीकरण 10. प्रषासनिक विचार 11. प्रषासनिक व्यवहार 12. संचार 13. नेतृत्व 14. अभिप्रेरणा 15. मनोबल एवं नैतिकता 16. संगठन 17. मन्त्रालय एवं विभाग 18. लोक-निगम 19. बोर्ड, आयोग एवं सलाहकार समितियाँ 20. स्वतन्त्र नियामकीय आयोग 21. मुख्य कार्यपालिका 22. स्टाफ एवं लाइन 23. उत्तरदायित्व तथा नियन्त्रण 24. सभ्य समाज की भूमिका, सूचना पाने का अधिकार, नागरिक एवं प्रषासन, तथा जन-सहभागिता 25. भारत में नागरिक अधिकार-पत्र 26. गैर-सरकारी संगठन अथवा स्वैच्छिक संगठन 27. प्रषासकीय कानून 28. तुलनात्मक लोक प्रषासन 29. विकास प्रषासन 30. तुलनात्मक लोक प्रषासन के प्रतिमान (मॉडल) 31. प्रषासनिक विकास 32. विकास तथा नौकरषाही 33. विकसित प्रषासन की परिवर्तनषील रूपरेखा 34. सेवीवर्ग प्रषासन तथा मानव संसाधन विकास 35. भर्ती 36. प्रषिक्षण 37. पदोन्नति तथा कार्य मूल्यांकन 38. पद-वर्गीकरण 39. प्रषासन में अनुषासन 40. जन-षिकायत निवारण तथा भ्रष्टाचार 41. लोकपाल तथा लोकायुक्त 42. स्वामी-कर्मचारी सम्बन्ध 43. लोक नीति 44. प्रषासकीय सुधार की तकनीके 45. संगठन तथा पद्धतियाँः ओ. एण्ड एम. 46. वित्तीय प्रषासन 47. लेखांकन एवं लेखा-परीक्षण

Description

Prashasnik siddhant – , By – Avasthi & Avasthi, ISBN Code – 978-93-87346-63-5

प्रस्तुत पुस्तक अपने विषय का एक ‘प्रमाणिक ग्रन्थ’ सिद्ध हो रही है।
नये संस्करण के प्रत्येक विषय को मैंने पूर्णतः और व्यापक रूप से संषोधित करने के साथ-साथ तथा इसके अद्यतन घटनाओं और क्रियाकलापों को यथासम्भव समावेषित भी किया है। सिविल सेवा एवं प्रान्तीय सिविलि सेवा (मुख्य) परीक्षाओं के प्रथम प्रष्न-पत्र के अनुरूप् नवीन लोक प्रषासन, संगठन के सिद्धान्त, प्रषासन के सिद्धान्त, विकास प्रषासन, सुषासन या सद्षासन, प्रषासनिक सुधार आदि विषयों पर अधिक विस्तृत एवं सारगर्भित सामिग्री उपलब्ध कराई गई है।
प्रस्तुत पुस्तक में सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के प्रष्नों को ध्यान में रखते हुए मैंने कुछ नये विषयों को भी समावेषित किया है, यथा-सिविल सेवा मुख्य परीक्षा की नवीन प्रणाली 2013, लोकपाल एवं लोकायुक्त कानून 2013 (संषोधित 2015), मन्त्रालयों एवं विभागों का नवीनतम विवरण, नीति आयोग-2015 आदि।
इस पुस्तक की विषय सूची इस प्रकार है-
1. लोक प्रषासन का अर्थ, क्षेत्र तथा प्रकृति 2. लोक प्रषासन का महत्व 3. वुडरो विल्सन का लोक प्रषासन के प्रति सन्देष 4. अध्ययन विषय के रूप में लोक प्रषासन का विकास 5. लोक विकल्प सिद्धान्त 6. नवीन सार्वजनिक प्रबन्ध 7. नवीन लोक प्रषासन 8. सुषासन या सद्-षासन तथा साहसिक सरकार 9. निजीकरण, उदारीकरण और वैष्वीकरण 10. प्रषासनिक विचार 11. प्रषासनिक व्यवहार 12. संचार 13. नेतृत्व 14. अभिप्रेरणा 15. मनोबल एवं नैतिकता 16. संगठन 17. मन्त्रालय एवं विभाग 18. लोक-निगम 19. बोर्ड, आयोग एवं सलाहकार समितियाँ 20. स्वतन्त्र नियामकीय आयोग 21. मुख्य कार्यपालिका 22. स्टाफ एवं लाइन 23. उत्तरदायित्व तथा नियन्त्रण 24. सभ्य समाज की भूमिका, सूचना पाने का अधिकार, नागरिक एवं प्रषासन, तथा जन-सहभागिता 25. भारत में नागरिक अधिकार-पत्र 26. गैर-सरकारी संगठन अथवा स्वैच्छिक संगठन 27. प्रषासकीय कानून 28. तुलनात्मक लोक प्रषासन 29. विकास प्रषासन 30. तुलनात्मक लोक प्रषासन के प्रतिमान (मॉडल) 31. प्रषासनिक विकास 32. विकास तथा नौकरषाही 33. विकसित प्रषासन की परिवर्तनषील रूपरेखा 34. सेवीवर्ग प्रषासन तथा मानव संसाधन विकास 35. भर्ती 36. प्रषिक्षण 37. पदोन्नति तथा कार्य मूल्यांकन 38. पद-वर्गीकरण 39. प्रषासन में अनुषासन 40. जन-षिकायत निवारण तथा भ्रष्टाचार 41. लोकपाल तथा लोकायुक्त 42. स्वामी-कर्मचारी सम्बन्ध 43. लोक नीति 44. प्रषासकीय सुधार की तकनीके 45. संगठन तथा पद्धतियाँः ओ. एण्ड एम. 46. वित्तीय प्रषासन 47. लेखांकन एवं लेखा-परीक्षण

Additional information

Cover Type

Hard Bound Edition, Paper Back Edition

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “प्रशासनिक सिद्धान्त-Prashasnik siddhant- (TEXT BOOK)- By Avasthi & Avasthi”

Your email address will not be published.