भारत में सामाजिक परिवर्तन और सामाजिक आंदोलन – Social Change and Social Movement In India (Text) – By P. Jain
Price range: ₹212.50 through ₹510.00
भारत में सामाजिक परिवर्तन और सामाजिक आंदोलन – Social Change and Social Movement In India (Text) – By P. Jain ISBN – 978-81-69938-18-1
पृष्ठ 1
विषय-सूची
अध्याय | पृष्ठ
1. सामाजिक परिवर्तन की अवधारणा, अर्थ व प्रकृति ………………………….. 1-5
[Concept, Meaning and Nature of Social Change]
(सामाजिक परिवर्तन की अवधारणा, सामाजिक परिवर्तन का अर्थ एवं परिभाषाएँ, सामाजिक परिवर्तन की विशेषताएँ, सामाजिक परिवर्तन की प्रकृति, सामाजिक परिवर्तन के मुख्य स्रोत, अभ्यास प्रश्न।)
2. सामाजिक परिवर्तन के कारक ……………………………………………….. 6-12
[Factors of Social Change]
(सामाजिक परिवर्तन के कारक, प्राकृतिक या भौगोलिक कारक, प्राणिशास्त्रीय या जैविक कारक, जनसंख्यात्मक कारक, प्रौद्योगिकीय कारक, आर्थिक कारक, सांस्कृतिक कारक, मनोवैज्ञानिक कारक, राजनीतिक कारक, शैक्षिक कारक, निष्कर्ष, अभ्यास प्रश्न।)
3. संरचना में परिवर्तन तथा संरचना का परिवर्तन ………………………. 13-21
[Change in Structure and Change of Structure]
(सामाजिक संरचना का अर्थ एवं परिभाषाएँ, सामाजिक संरचना के प्रमुख तत्व, सामाजिक संरचना की प्रमुख विशेषताएँ, निष्कर्ष, संरचना में परिवर्तन, संरचना का परिवर्तन, निष्कर्ष, संरचना में परिवर्तन तथा संरचना का परिवर्तन के बीच अन्तर, अभ्यास प्रश्न।)
4. सामाजिक परिवर्तन के प्रकार : उद्विकास, विकास, प्रगति तथा क्रान्ति … 22-35
[Types of Social Change : Evolution, Development, Progress and Revolution]
(सामाजिक परिवर्तन का अर्थ, प्रकृति और वर्गीकरण, सामाजिक परिवर्तन की परिभाषाएँ, सामाजिक परिवर्तन के प्रकार, सामाजिक प्रगति के मापदण्ड, प्रगति तथा विकास में अन्तर, प्रगति व क्रान्ति में अन्तर, उद्विकास व प्रगति में अन्तर, अभ्यास प्रश्न।)
5. सामाजिक परिवर्तन के सिद्धान्त : रेखीय, चक्रीय, जनांकिकीय एवं आर्थिक (संघर्ष) का सिद्धान्त ………………………………………………………. 36-58
[Theories of Social Change : Linear, Cyclical, Demographic and Economic (Conflict) Theory]
पृष्ठ 2
(सामाजिक परिवर्तन के सिद्धान्त, उद्विकासीय अथवा रेखीय सिद्धान्त, चक्रीय सिद्धान्त अथवा चक्रात्मक सिद्धान्त, जनांकिकीय सिद्धान्त, जनसंख्या परिवर्तन की अवस्थाएँ, जनांकिकी संक्रमण एवं विकासशील देशों हेतु प्रासंगिकता, कार्ल मार्क्स का आर्थिक वर्ग संघर्ष का सिद्धान्त, अभ्यास प्रश्न।)
6. सूचना प्रौद्योगिकी एवं सामाजिक परिवर्तन ………………………….. 59-70
[Information Technology and Social Change]
(सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी का अर्थ एवं परिभाषाएँ, सूचना प्रौद्योगिकी की विशेषताएँ, प्रौद्योगिकी का समाज पर प्रभाव, सूचना प्रौद्योगिकी व जनसंचार, जनसंचार का अर्थ, जनसंचार की परिभाषाएँ, जनसंचार की प्रकृति, जनसंचार के माध्यम, समाज पर जनसंचार का प्रभाव, सूचना प्रौद्योगिकी के कारण उत्पन्न समस्याएँ, निष्कर्ष, अभ्यास प्रश्न।)
7. संस्कृतिकरण, पश्चिमीकरण व आधुनिकीकरण ………………………….. 71-87
[Sanskritization, Westernization and Modernization]
(परिवर्तन क्या है ?, सामाजिक परिवर्तन की विशेषताएँ, सामाजिक परिवर्तन के प्रतिमान, सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रियाएँ अथवा स्वरूप, संस्कृतिकरण का अर्थ, संस्कृतिकरण की विशेषताएँ, संस्कृतिकरण को प्रोत्साहन देने वाली दशाएँ, संस्कृतिकरण के आदर्श, संस्कृतिकरण का प्रभाव, पश्चिमीकरण, पश्चिमीकरण का अर्थ, पश्चिमीकरण की प्रमुख विशेषताएँ, संस्कृतिकरण एवं पश्चिमीकरण में अन्तर, आधुनिकीकरण, आधुनिकीकरण एवं भारतीय समाज, आधुनिकीकरण की विशेषताएँ, आधुनिकीकरण के कारण, आधुनिकीकरण के परिणाम, अभ्यास प्रश्न।)
8. लौकिकीकरण तथा वैश्वीकरण की अवधारणा तथा प्रभाव ……………….. 88-98
[Concept and Impact of Secularization and Globalization]
(लौकिकीकरण, लौकिकीकरण का अर्थ एवं परिभाषा, लौकिकीकरण के प्रमुख तत्व, लौकिकीकरण के कारण, भारतीय समाज में लौकिकीकरण से उत्पन्न परिवर्तन, वैश्वीकरण, वैश्वीकरण का अर्थ, वैश्वीकरण की परिभाषाएँ, वैश्वीकरण की प्रकृति, वैश्वीकरण की विशेषताएँ, वैश्वीकरण के भारतीय संस्कृति पर प्रभाव, अभ्यास प्रश्न।)
9. परम्पराओं का स्थानीयकरण एवं सार्वभौमीकरण ………………………….. 99-108
[Parochialization and Universalization of Traditions]
(परम्परा का अर्थ, परम्परा की परिभाषाएँ, परम्परा की विशेषताएँ, परम्परा का स्थानीयकरण, स्थानीयकरण के उदाहरण, सार्वभौमीकरण,
पृष्ठ 3
सार्वभौमीकरण की प्रक्रिया, सार्वभौमीकरण के उदाहरण, सार्वभौमीकरण की विशेषताएँ, स्थानीयकरण तथा सार्वभौमीकरण में अन्तर, परम्पराओं का लघु व बृहत रूप व मुख्य अन्तर, बृहत परम्परा का अर्थ, लघु एवं बृहत परम्पराओं में अन्तर, लघु तथा बृहत परम्परा का सह-सम्बन्ध का स्वरूप, अभ्यास प्रश्न।)
10. सामाजिक आन्दोलन का परिचय ………………………………………….. 109-116
[Introduction to Social Movements]
(सामाजिक आन्दोलन की अवधारणा/प्रत्यय व अर्थ, सामाजिक आन्दोलन की परिभाषाएँ, सामाजिक आन्दोलन की प्रकृति, सामाजिक आन्दोलन की विशेषताएँ, सामाजिक आन्दोलन उद्भव के कारण, सामाजिक आन्दोलन के प्रकार, सामाजिक आन्दोलन के विविध रूप, अभ्यास प्रश्न।)
11. सामाजिक आन्दोलन और सामाजिक परिवर्तन : सामाजिक आन्दोलनों के सिद्धान्त ……………………………………………………………… 117-125
[Social Movement and Social Change : Theories of Social Movements]
(भारतीय सिद्धान्तों की व्याख्या, सिद्धान्त बनने की प्रक्रिया, भारतीय सन्दर्भ में सामाजिक आन्दोलनों के सिद्धान्त, सामाजिक आन्दोलन के तीन अन्य सिद्धान्त, अभ्यासार्थ प्रश्न।)
12. संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक सिद्धान्त ……………………………………. 126-129
[Structural-Functional Theory]
(संरचनात्मक-प्रकार्यवाद क्या है ?, संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक परिप्रेक्ष्य की उपयोगिता, संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक परिप्रेक्ष्य की प्रमुख सीमाएँ, अभ्यास प्रश्न।)
13. सामाजिक आन्दोलन और सामाजिक परिवर्तन : मार्क्सवादी दृष्टिकोण … 130-137
[Social Movement and Social Change : A Marxist Perspective]
(आधुनिक समाज में सामाजिक परिवर्तन के कारक, कार्ल मार्क्स का द्वन्द्वात्मक एवं भौतिकवादी दृष्टिकोण, क्रान्तिकारी श्रमिक आन्दोलन और वर्गहीन समाज, वर्ग संघर्ष और वैचारिक चेतना, सामाजिक आन्दोलन व सामाजिक परिवर्तन में सम्बन्ध, ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य : भारत में किसान आन्दोलन, सामाजिक आन्दोलन व सामाजिक परिवर्तन में भिन्नता, अभ्यास प्रश्न।)
पृष्ठ 4
14. संसाधन जुटाने का सिद्धान्त (लामबन्दी सिद्धान्त) ………………….. 138-145
[Resource Mobilization Theory]
(संसाधन की परिभाषाएँ, संसाधन जुटाने का सिद्धान्त, संसाधन लामबन्दी का अर्थ, संसाधन लामबन्दी सिद्धान्त का विकास, प्रमुख विद्वान, संसाधन लामबन्दी सिद्धान्त की मुख्य अवधारणाएँ, संसाधनों के प्रकार, संसाधन लामबन्दी/जुटाने की प्रक्रिया, संसाधन लामबन्दी सिद्धान्त की विशेषताएँ, संसाधन लामबन्दी सिद्धान्त के उदाहरण, संसाधन लामबन्दी सिद्धान्त के लाभ, संसाधन लामबन्दी सिद्धान्त की आलोचनाएँ, अभ्यास प्रश्न।)
15. नये सामाजिक आन्दोलन, सामाजिक आन्दोलन के प्रकार व सुधार …………………………………………………………………………………… 146-158
[New Social Movement, Types of Social Movement and Reforms]
(सामाजिक आन्दोलन की अवधारणा, सामाजिक आन्दोलन की परिभाषाएँ, सामाजिक आन्दोलनों की उत्पत्ति, सामाजिक आंदोलनों के घटक, सामाजिक आन्दोलन के प्रकार, भारत में सामाजिक-धार्मिक सुधार आन्दोलन, सामाजिक आन्दोलनों का प्रभाव, प्राचीन एवं नवीन आन्दोलन में अन्तर, अभ्यास प्रश्न।)
16. विद्रोह व पुनरुत्थान आन्दोलन ………………………………………… 159-173
[Rebellion and Revival Movement]
(विद्रोह आन्दोलन, विद्रोह आन्दोलन की विशेषताएँ, विद्रोह आन्दोलन के कारण, 1857 का विद्रोह, 1857 के विद्रोह के कारण, विद्रोह की प्रमुख घटनाएँ, 1857 के विद्रोह का स्वरूप, 1857 के विद्रोह की असफलता के कारण, 1857 के विद्रोह के प्रभाव, भारत के अन्य आन्दोलन, पुनरुत्थान आन्दोलन, पुनरुत्थान का अर्थ, पुनरुत्थान आन्दोलन की विशेषताएँ, भारत के प्रमुख पुनरुत्थान आन्दोलन, बिरसा मुंडा आन्दोलन, आन्दोलन के परिणाम, विद्रोह और पुनरुत्थान आन्दोलन में अन्तर, निष्कर्ष, अभ्यासार्थ प्रश्न।)
17. क्रान्तिकारी आन्दोलन …………………………………………………… 174-184
[Revolutionary Movement]
(क्रान्तिकारी आन्दोलन के कारण, क्रान्तिकारी आन्दोलन का विकास, क्रान्तिकारी आन्दोलन का प्रथम चरण, क्रान्तिकारी आन्दोलन का द्वितीय
पृष्ठ 5
चरण, क्रान्तिकारी आन्दोलन सफल क्यों नहीं हो पाए ? सुधारवादी आन्दोलन व क्रान्तिकारी आन्दोलन में अन्तर, निष्कर्ष, अभ्यास प्रश्न।)
18. संगठित राजद्रोह तथा प्रतिरोधी आन्दोलन ………………………….. 185-190
[Insurrection and Counter Movement]
(संगठित राजद्रोह का अर्थ, प्रतिरोधी आन्दोलन का अर्थ, संगठित राजद्रोह और प्रतिरोधी आन्दोलनों के कारण, संगठित राजद्रोह के प्रमुख उदाहरण, प्रतिरोधी आन्दोलनों के प्रकार, संगठित राजद्रोह और प्रतिरोधी आन्दोलनों की विशेषताएँ, संगठित राजद्रोह और प्रतिरोधी आन्दोलनों का प्रभाव, संगठित राजद्रोह और प्रतिरोधी आन्दोलनों की सीमाएँ, संगठित राजद्रोह और प्रतिरोधी आन्दोलनों का महत्व, निष्कर्ष, अभ्यास प्रश्न।)
19. भारत में कृषक/किसान आन्दोलन ……………………………………… 191-199
[Peasant Movement in India]
(कृषक आन्दोलन का अर्थ, भारत में कृषक आन्दोलन के चरण, भारत के उग्र किसान/कृषक आन्दोलन, सामाजिक परिवर्तन में कृषक आन्दोलनों की भूमिका, अभ्यास प्रश्न।)
20. भारत में श्रमिक आन्दोलन ……………………………………………… 200-209
[Labour Movement in India]
(श्रमिक आन्दोलन क्या हैं ? श्रमिक आन्दोलन की परिभाषाएँ, भारत में श्रमिक आन्दोलन का इतिहास, भारत में श्रमिक आन्दोलन किस प्रकार विकसित हुए हैं ? श्रमिक आन्दोलन की विशेषताएँ, श्रमिक आन्दोलन के कारण, प्रमुख श्रमिक आन्दोलन, भारत में श्रम कानून, श्रमिक आन्दोलन का योगदान, श्रमिक आन्दोलन की समस्याएँ, अभ्यास प्रश्न।)
21. भारत में दलित आन्दोलन ……………………………………………….. 210-221
[Dalit Movement in India]
(दलित शब्द का अर्थ एवं स्वरूप, दलित आन्दोलन का इतिहास, भारत में जाति व्यवस्था और दलितों की स्थिति, प्रारम्भिक दलित चेतना और सामाजिक सुधार आन्दोलन, दलित आन्दोलन की प्रमुख विशेषताएँ, दलित आन्दोलन की उपलब्धियाँ, दलित आन्दोलन की चुनौतियाँ, समकालीन भारत में दलित आन्दोलन, अभ्यास प्रश्न।)
पृष्ठ 6
22. भारत में महिला आन्दोलन ……………………………………………….. 222-231
[Women’s Movement in India]
(महिला आन्दोलन का अर्थ और स्वरूप, महिला आन्दोलन के प्रमुख मुद्दे, महिला आन्दोलन में सम्बन्धित प्रमुख महिलाएँ, महिला आन्दोलन का आधुनिक रूप, महिला आन्दोलन की उपलब्धियाँ, महिला आन्दोलन की चुनौतियाँ, महिला सशक्तिकरण और भविष्य, अभ्यास प्रश्न।)
23. भारत में पर्यावरण आन्दोलन ………………………………………….. 232-244
[Environmental Movement in India]
(पर्यावरण का अर्थ, पर्यावरण आन्दोलन का अर्थ, भारत में पर्यावरणीय चेतना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, भारत में पर्यावरण आन्दोलन का विकास, पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार का योगदान, पर्यावरण आन्दोलन में महिलाओं की भूमिका, पर्यावरण आन्दोलन और आदिवासी समाज, पर्यावरण आन्दोलन और विकास का प्रश्न, पर्यावरण आन्दोलन और कानून, आधुनिक पर्यावरण आन्दोलन, पर्यावरण आन्दोलन की उपलब्धियाँ, पर्यावरण आन्दोलन की चुनौतियाँ, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य, अभ्यास प्रश्न।)
For bulk quantity contact us at
Description
भारत में सामाजिक परिवर्तन और सामाजिक आंदोलन – Social Change and Social Movement In India (Text) – By P. Jain ISBN – 978-81-69938-18-1
पृष्ठ 1
विषय-सूची
अध्याय | पृष्ठ
1. सामाजिक परिवर्तन की अवधारणा, अर्थ व प्रकृति ………………………….. 1-5
[Concept, Meaning and Nature of Social Change]
(सामाजिक परिवर्तन की अवधारणा, सामाजिक परिवर्तन का अर्थ एवं परिभाषाएँ, सामाजिक परिवर्तन की विशेषताएँ, सामाजिक परिवर्तन की प्रकृति, सामाजिक परिवर्तन के मुख्य स्रोत, अभ्यास प्रश्न।)
2. सामाजिक परिवर्तन के कारक ……………………………………………….. 6-12
[Factors of Social Change]
(सामाजिक परिवर्तन के कारक, प्राकृतिक या भौगोलिक कारक, प्राणिशास्त्रीय या जैविक कारक, जनसंख्यात्मक कारक, प्रौद्योगिकीय कारक, आर्थिक कारक, सांस्कृतिक कारक, मनोवैज्ञानिक कारक, राजनीतिक कारक, शैक्षिक कारक, निष्कर्ष, अभ्यास प्रश्न।)
3. संरचना में परिवर्तन तथा संरचना का परिवर्तन ………………………. 13-21
[Change in Structure and Change of Structure]
(सामाजिक संरचना का अर्थ एवं परिभाषाएँ, सामाजिक संरचना के प्रमुख तत्व, सामाजिक संरचना की प्रमुख विशेषताएँ, निष्कर्ष, संरचना में परिवर्तन, संरचना का परिवर्तन, निष्कर्ष, संरचना में परिवर्तन तथा संरचना का परिवर्तन के बीच अन्तर, अभ्यास प्रश्न।)
4. सामाजिक परिवर्तन के प्रकार : उद्विकास, विकास, प्रगति तथा क्रान्ति … 22-35
[Types of Social Change : Evolution, Development, Progress and Revolution]
(सामाजिक परिवर्तन का अर्थ, प्रकृति और वर्गीकरण, सामाजिक परिवर्तन की परिभाषाएँ, सामाजिक परिवर्तन के प्रकार, सामाजिक प्रगति के मापदण्ड, प्रगति तथा विकास में अन्तर, प्रगति व क्रान्ति में अन्तर, उद्विकास व प्रगति में अन्तर, अभ्यास प्रश्न।)
5. सामाजिक परिवर्तन के सिद्धान्त : रेखीय, चक्रीय, जनांकिकीय एवं आर्थिक (संघर्ष) का सिद्धान्त ………………………………………………………. 36-58
[Theories of Social Change : Linear, Cyclical, Demographic and Economic (Conflict) Theory]
पृष्ठ 2
(सामाजिक परिवर्तन के सिद्धान्त, उद्विकासीय अथवा रेखीय सिद्धान्त, चक्रीय सिद्धान्त अथवा चक्रात्मक सिद्धान्त, जनांकिकीय सिद्धान्त, जनसंख्या परिवर्तन की अवस्थाएँ, जनांकिकी संक्रमण एवं विकासशील देशों हेतु प्रासंगिकता, कार्ल मार्क्स का आर्थिक वर्ग संघर्ष का सिद्धान्त, अभ्यास प्रश्न।)
6. सूचना प्रौद्योगिकी एवं सामाजिक परिवर्तन ………………………….. 59-70
[Information Technology and Social Change]
(सूचना प्रौद्योगिकी, सूचना प्रौद्योगिकी का अर्थ एवं परिभाषाएँ, सूचना प्रौद्योगिकी की विशेषताएँ, प्रौद्योगिकी का समाज पर प्रभाव, सूचना प्रौद्योगिकी व जनसंचार, जनसंचार का अर्थ, जनसंचार की परिभाषाएँ, जनसंचार की प्रकृति, जनसंचार के माध्यम, समाज पर जनसंचार का प्रभाव, सूचना प्रौद्योगिकी के कारण उत्पन्न समस्याएँ, निष्कर्ष, अभ्यास प्रश्न।)
7. संस्कृतिकरण, पश्चिमीकरण व आधुनिकीकरण ………………………….. 71-87
[Sanskritization, Westernization and Modernization]
(परिवर्तन क्या है ?, सामाजिक परिवर्तन की विशेषताएँ, सामाजिक परिवर्तन के प्रतिमान, सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रियाएँ अथवा स्वरूप, संस्कृतिकरण का अर्थ, संस्कृतिकरण की विशेषताएँ, संस्कृतिकरण को प्रोत्साहन देने वाली दशाएँ, संस्कृतिकरण के आदर्श, संस्कृतिकरण का प्रभाव, पश्चिमीकरण, पश्चिमीकरण का अर्थ, पश्चिमीकरण की प्रमुख विशेषताएँ, संस्कृतिकरण एवं पश्चिमीकरण में अन्तर, आधुनिकीकरण, आधुनिकीकरण एवं भारतीय समाज, आधुनिकीकरण की विशेषताएँ, आधुनिकीकरण के कारण, आधुनिकीकरण के परिणाम, अभ्यास प्रश्न।)
8. लौकिकीकरण तथा वैश्वीकरण की अवधारणा तथा प्रभाव ……………….. 88-98
[Concept and Impact of Secularization and Globalization]
(लौकिकीकरण, लौकिकीकरण का अर्थ एवं परिभाषा, लौकिकीकरण के प्रमुख तत्व, लौकिकीकरण के कारण, भारतीय समाज में लौकिकीकरण से उत्पन्न परिवर्तन, वैश्वीकरण, वैश्वीकरण का अर्थ, वैश्वीकरण की परिभाषाएँ, वैश्वीकरण की प्रकृति, वैश्वीकरण की विशेषताएँ, वैश्वीकरण के भारतीय संस्कृति पर प्रभाव, अभ्यास प्रश्न।)
9. परम्पराओं का स्थानीयकरण एवं सार्वभौमीकरण ………………………….. 99-108
[Parochialization and Universalization of Traditions]
(परम्परा का अर्थ, परम्परा की परिभाषाएँ, परम्परा की विशेषताएँ, परम्परा का स्थानीयकरण, स्थानीयकरण के उदाहरण, सार्वभौमीकरण,
पृष्ठ 3
सार्वभौमीकरण की प्रक्रिया, सार्वभौमीकरण के उदाहरण, सार्वभौमीकरण की विशेषताएँ, स्थानीयकरण तथा सार्वभौमीकरण में अन्तर, परम्पराओं का लघु व बृहत रूप व मुख्य अन्तर, बृहत परम्परा का अर्थ, लघु एवं बृहत परम्पराओं में अन्तर, लघु तथा बृहत परम्परा का सह-सम्बन्ध का स्वरूप, अभ्यास प्रश्न।)
10. सामाजिक आन्दोलन का परिचय ………………………………………….. 109-116
[Introduction to Social Movements]
(सामाजिक आन्दोलन की अवधारणा/प्रत्यय व अर्थ, सामाजिक आन्दोलन की परिभाषाएँ, सामाजिक आन्दोलन की प्रकृति, सामाजिक आन्दोलन की विशेषताएँ, सामाजिक आन्दोलन उद्भव के कारण, सामाजिक आन्दोलन के प्रकार, सामाजिक आन्दोलन के विविध रूप, अभ्यास प्रश्न।)
11. सामाजिक आन्दोलन और सामाजिक परिवर्तन : सामाजिक आन्दोलनों के सिद्धान्त ……………………………………………………………… 117-125
[Social Movement and Social Change : Theories of Social Movements]
(भारतीय सिद्धान्तों की व्याख्या, सिद्धान्त बनने की प्रक्रिया, भारतीय सन्दर्भ में सामाजिक आन्दोलनों के सिद्धान्त, सामाजिक आन्दोलन के तीन अन्य सिद्धान्त, अभ्यासार्थ प्रश्न।)
12. संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक सिद्धान्त ……………………………………. 126-129
[Structural-Functional Theory]
(संरचनात्मक-प्रकार्यवाद क्या है ?, संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक परिप्रेक्ष्य की उपयोगिता, संरचनात्मक-प्रकार्यात्मक परिप्रेक्ष्य की प्रमुख सीमाएँ, अभ्यास प्रश्न।)
13. सामाजिक आन्दोलन और सामाजिक परिवर्तन : मार्क्सवादी दृष्टिकोण … 130-137
[Social Movement and Social Change : A Marxist Perspective]
(आधुनिक समाज में सामाजिक परिवर्तन के कारक, कार्ल मार्क्स का द्वन्द्वात्मक एवं भौतिकवादी दृष्टिकोण, क्रान्तिकारी श्रमिक आन्दोलन और वर्गहीन समाज, वर्ग संघर्ष और वैचारिक चेतना, सामाजिक आन्दोलन व सामाजिक परिवर्तन में सम्बन्ध, ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य : भारत में किसान आन्दोलन, सामाजिक आन्दोलन व सामाजिक परिवर्तन में भिन्नता, अभ्यास प्रश्न।)
पृष्ठ 4
14. संसाधन जुटाने का सिद्धान्त (लामबन्दी सिद्धान्त) ………………….. 138-145
[Resource Mobilization Theory]
(संसाधन की परिभाषाएँ, संसाधन जुटाने का सिद्धान्त, संसाधन लामबन्दी का अर्थ, संसाधन लामबन्दी सिद्धान्त का विकास, प्रमुख विद्वान, संसाधन लामबन्दी सिद्धान्त की मुख्य अवधारणाएँ, संसाधनों के प्रकार, संसाधन लामबन्दी/जुटाने की प्रक्रिया, संसाधन लामबन्दी सिद्धान्त की विशेषताएँ, संसाधन लामबन्दी सिद्धान्त के उदाहरण, संसाधन लामबन्दी सिद्धान्त के लाभ, संसाधन लामबन्दी सिद्धान्त की आलोचनाएँ, अभ्यास प्रश्न।)
15. नये सामाजिक आन्दोलन, सामाजिक आन्दोलन के प्रकार व सुधार …………………………………………………………………………………… 146-158
[New Social Movement, Types of Social Movement and Reforms]
(सामाजिक आन्दोलन की अवधारणा, सामाजिक आन्दोलन की परिभाषाएँ, सामाजिक आन्दोलनों की उत्पत्ति, सामाजिक आंदोलनों के घटक, सामाजिक आन्दोलन के प्रकार, भारत में सामाजिक-धार्मिक सुधार आन्दोलन, सामाजिक आन्दोलनों का प्रभाव, प्राचीन एवं नवीन आन्दोलन में अन्तर, अभ्यास प्रश्न।)
16. विद्रोह व पुनरुत्थान आन्दोलन ………………………………………… 159-173
[Rebellion and Revival Movement]
(विद्रोह आन्दोलन, विद्रोह आन्दोलन की विशेषताएँ, विद्रोह आन्दोलन के कारण, 1857 का विद्रोह, 1857 के विद्रोह के कारण, विद्रोह की प्रमुख घटनाएँ, 1857 के विद्रोह का स्वरूप, 1857 के विद्रोह की असफलता के कारण, 1857 के विद्रोह के प्रभाव, भारत के अन्य आन्दोलन, पुनरुत्थान आन्दोलन, पुनरुत्थान का अर्थ, पुनरुत्थान आन्दोलन की विशेषताएँ, भारत के प्रमुख पुनरुत्थान आन्दोलन, बिरसा मुंडा आन्दोलन, आन्दोलन के परिणाम, विद्रोह और पुनरुत्थान आन्दोलन में अन्तर, निष्कर्ष, अभ्यासार्थ प्रश्न।)
17. क्रान्तिकारी आन्दोलन …………………………………………………… 174-184
[Revolutionary Movement]
(क्रान्तिकारी आन्दोलन के कारण, क्रान्तिकारी आन्दोलन का विकास, क्रान्तिकारी आन्दोलन का प्रथम चरण, क्रान्तिकारी आन्दोलन का द्वितीय
पृष्ठ 5
चरण, क्रान्तिकारी आन्दोलन सफल क्यों नहीं हो पाए ? सुधारवादी आन्दोलन व क्रान्तिकारी आन्दोलन में अन्तर, निष्कर्ष, अभ्यास प्रश्न।)
18. संगठित राजद्रोह तथा प्रतिरोधी आन्दोलन ………………………….. 185-190
[Insurrection and Counter Movement]
(संगठित राजद्रोह का अर्थ, प्रतिरोधी आन्दोलन का अर्थ, संगठित राजद्रोह और प्रतिरोधी आन्दोलनों के कारण, संगठित राजद्रोह के प्रमुख उदाहरण, प्रतिरोधी आन्दोलनों के प्रकार, संगठित राजद्रोह और प्रतिरोधी आन्दोलनों की विशेषताएँ, संगठित राजद्रोह और प्रतिरोधी आन्दोलनों का प्रभाव, संगठित राजद्रोह और प्रतिरोधी आन्दोलनों की सीमाएँ, संगठित राजद्रोह और प्रतिरोधी आन्दोलनों का महत्व, निष्कर्ष, अभ्यास प्रश्न।)
19. भारत में कृषक/किसान आन्दोलन ……………………………………… 191-199
[Peasant Movement in India]
(कृषक आन्दोलन का अर्थ, भारत में कृषक आन्दोलन के चरण, भारत के उग्र किसान/कृषक आन्दोलन, सामाजिक परिवर्तन में कृषक आन्दोलनों की भूमिका, अभ्यास प्रश्न।)
20. भारत में श्रमिक आन्दोलन ……………………………………………… 200-209
[Labour Movement in India]
(श्रमिक आन्दोलन क्या हैं ? श्रमिक आन्दोलन की परिभाषाएँ, भारत में श्रमिक आन्दोलन का इतिहास, भारत में श्रमिक आन्दोलन किस प्रकार विकसित हुए हैं ? श्रमिक आन्दोलन की विशेषताएँ, श्रमिक आन्दोलन के कारण, प्रमुख श्रमिक आन्दोलन, भारत में श्रम कानून, श्रमिक आन्दोलन का योगदान, श्रमिक आन्दोलन की समस्याएँ, अभ्यास प्रश्न।)
21. भारत में दलित आन्दोलन ……………………………………………….. 210-221
[Dalit Movement in India]
(दलित शब्द का अर्थ एवं स्वरूप, दलित आन्दोलन का इतिहास, भारत में जाति व्यवस्था और दलितों की स्थिति, प्रारम्भिक दलित चेतना और सामाजिक सुधार आन्दोलन, दलित आन्दोलन की प्रमुख विशेषताएँ, दलित आन्दोलन की उपलब्धियाँ, दलित आन्दोलन की चुनौतियाँ, समकालीन भारत में दलित आन्दोलन, अभ्यास प्रश्न।)
पृष्ठ 6
22. भारत में महिला आन्दोलन ……………………………………………….. 222-231
[Women’s Movement in India]
(महिला आन्दोलन का अर्थ और स्वरूप, महिला आन्दोलन के प्रमुख मुद्दे, महिला आन्दोलन में सम्बन्धित प्रमुख महिलाएँ, महिला आन्दोलन का आधुनिक रूप, महिला आन्दोलन की उपलब्धियाँ, महिला आन्दोलन की चुनौतियाँ, महिला सशक्तिकरण और भविष्य, अभ्यास प्रश्न।)
23. भारत में पर्यावरण आन्दोलन ………………………………………….. 232-244
[Environmental Movement in India]
(पर्यावरण का अर्थ, पर्यावरण आन्दोलन का अर्थ, भारत में पर्यावरणीय चेतना की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, भारत में पर्यावरण आन्दोलन का विकास, पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार का योगदान, पर्यावरण आन्दोलन में महिलाओं की भूमिका, पर्यावरण आन्दोलन और आदिवासी समाज, पर्यावरण आन्दोलन और विकास का प्रश्न, पर्यावरण आन्दोलन और कानून, आधुनिक पर्यावरण आन्दोलन, पर्यावरण आन्दोलन की उपलब्धियाँ, पर्यावरण आन्दोलन की चुनौतियाँ, पर्यावरण संरक्षण और भविष्य, अभ्यास प्रश्न।)
Additional information
| Cover Type | Hard Bound Edition, Paper Back Edition |
|---|







Reviews
There are no reviews yet.